पुलिस कर्मियों के लिए आवास बनाएगी सरकार

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देहरादून। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने पुलिस स्मृति दिवस पर पुलिस कार्मिकों के लिए और अधिक आवासीय भवनों के निर्माण की घोषणा की। उन्होंने कहा कि पुलिस विभाग की कार्य क्षमता बढ़ाने और करप्शन को जड़ से समाप्त करने के लिए थाना स्तर पर विभिन्न कार्यों के लिए 3 करोड़ की राशि का स्पेशल फंड बनाया गया है। पुलिस कार्मिकों को विशिष्ट वीरता का प्रदर्शन करते समय वीरगति प्राप्त होने पर पूर्व में दी जाने वाली राशि 10 लाख से बढ़ाकर 15 लाख रुपये कर दी गई है। हेड कांस्टेबल और कांस्टेबल स्तर के सभी पुलिसकर्मियों को दिया जाने वाला मोटर साइकल भत्ता 400 से बढ़ाकर 1200 प्रतिमाह करने की स्वीकृति दी है।

पुलिस लाइन में स्मृति दिवस पर शहीद पुलिस जवानों को श्रद्धांजलि देने पहुंचे मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने शहीद स्मारक पर पुष्पचक्र अर्पित किया । मुख्यमंत्री ने वीर शहीदों के परिजनों के प्रति संवेदनाएं व्यक्त कीं। उन्होंने परेड की सलामी ली। मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस बल का मनोबल और उनकी कार्य क्षमता बनाए रखने के लिए यह आवश्यक है कि उन्हें अच्छी आवासीय व्यवस्था उपलब्ध हो। भारत सरकार से अनुरोध करने के साथ साथ राज्य सरकार के बजट से भी पुलिस कार्मिकों की आवासीय व्यवस्था को पूरा करने के लिए हरसंभव प्रयास किया जाएगा। राज्य में पुलिसकर्मियों की आवासीय व्यवस्था 18 प्रतिशत है जबकि राष्ट्रीय औसत 25 प्रतिशत है, इसलिए राज्य सरकार पुलिसकर्मियों की आवासीय व्यवस्था में सुधार करने के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री ने हरिद्वार में गोवंश तस्करी के बढ़ते मामलों की शिकायत पर पुलिस महानिदेशक को हरिद्वार के लिए एक विशेष स्क्वायड गठित करने का निर्देश दिया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस प्रशिक्षण केंद्र, नरेंद्र नगर और सशस्त्र प्रशिक्षण केंद्र, हरिद्वार में नियुक्त प्रशिक्षकों को मूल वेतन का 15 प्रतिशत प्रशिक्षण भत्ता अनुमन्य किया गया है। कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करने और मादक पदार्थों की रोकथाम के लिए दो नये थाने और एक रिपोर्टिंग पुलिस चौकी की स्थापना की जा रही है। मुख्यमंत्री ने पिछले वर्ष संपूर्ण भारत में शहीद हुए 379 पुलिस कर्मियों का भावपूर्ण स्मरण करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी। इन शहीद पुलिसकर्मियों में उत्तराखंड के एक निरीक्षक और छह कान्स्टेबल भी शामिल हैं। उत्तराखंड पुलिस के जिन सात पुलिस कर्मचारियों,अधिकारियों ने ड्यूटी के दौरान अपने प्राणों की आहुति दी है, उनमें कांस्टेबल नरेंद्र सिंह, कांस्टेबल कलम सिंह, कांस्टेबल नरेंद्र कुमार, कांस्टेबल रविंद्र सिंह कुंवर, कांस्टेबल सत्येंद्र सिंह नेगी, कांस्टेबल नीतीश कुमार और निरीक्षक राम कुमार जुयाल शामिल हैं।

पुलिस महानिदेशक अनिल कुमार रतूड़ी ने बताया कि देश में शहीद हुए अधिकतर पुलिसकर्मी नक्सली, आतंकवादी और उग्रवादी घटनाओं में शहीद हुए हैं। राज्य सरकार पुलिस कर्मियों और उनके परिवारों के लिए कई कल्याणकारी योजनाएं चला रही है। इस वर्ष चिकित्सा प्रतिपूर्ति के अंतर्गत कुल 392 कार्मिकों के लिए एक करोड़ 83 लाख की धनराशि का भुगतान किया गया। व्यक्तिगत बीमा योजना के अंतर्गत मृत पुलिसकर्मिकों के आश्रितों के लिए 12.5 लाख रुपये का भुगतान किया गया। 29 मृतक आश्रितों को कांस्टेबल और 3 मृतक आश्रितों को चतुर्थ श्रेणी पद पर नियुक्त किया गया।

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