कार्य ही नहीं व्यवहार भी है चिकित्सक की पहचान

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ऋषिकेश। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान एम्स ऋषिकेश में आर्ट ऑफ लिविंग के सहयोग से यूथ एम्पावरन्मेंट एंड स्किल यस प्लस ट्रेनिंग प्रोग्राम के तहत छात्र छात्राएं भोजन पकाओ प्रतियोगिता में शामिल हुए। इस अवसर पर निदेशक एम्स पद्मश्री प्रोफेसर रवि कांत ने कहा कि विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए शिक्षा के साथ साथ शिक्षणेत्तर गतिविधियां भी नितांत आवश्यक हैं।

एम्स के आयुष विभाग व डीन स्टूडेंट्स वेलफेयर के तत्वावधान में आर्ट ऑफ लिविंग दिल्ली के ट्रेनिंग प्रोग्राम में एम्स निदेशक प्रोफेसर रवि कांत ने कहा कि हर एक चिकित्सक हमारे देश की पहचान व स्वास्थ्य शिक्षा प्रणाली का महत्वपूर्ण अंग हैं। एक चिकित्सक को अपने कार्य ही नहीं अपने व्यवहार, दूसरों के प्रति सत्कार, अपने आत्मविश्वास और अपने व्यक्तित्व से जाना जाता है। प्रोग्राम के समापन पर आर्ट ऑफ लिविंग दिल्ली के निदेशक निर्मल मटेला ने छात्र छात्राओं को बताया कि जीवन में दूसरों पर निर्भर रहने की बजाय अपने चुने हुए रास्ते पर शत प्रतिशत प्रयास से आगे बढ़ना चाहिए, तभी सफलता मिलती है। इस दौरान उन्होंने छात्र छात्राओं को सुदर्शन क्रिया का अभ्यास कराने के साथ ही उन्हें मन को हमेशा प्रसन्न रखने के लिए पांच सुनहरी कुंजियां बताईं।

साथ ही विद्यार्थियों को माता पिता से मधुर व्यवहार रखने व उनकी सेवा के लिए प्रेरित किया गया। इस अवसर पर भोजन बनाओ प्रतियोगिता में हिस्सा लिया और कई तरह के लजीज व्यंजन तैयार किए। इस अवसर पर प्रोफेसर बीना रवि, डीन एकेडमिक प्रो.सुरेखा किशोर,डीन स्टूडेंट्स वेलफेयर प्रो.मनोज गुप्ता, आयुष विभागाध्यक्ष डा.वर्तिका सक्सेना,कार्यक्रम संयोजक डा.वैशाली गोयल आदि उपस्थित रहे।

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