मुख्यमंत्री ने पंचायतों के विकास के लिए डिजीटल माध्यम से दिए 62.21 करोड़

0
156
   

देहरादून। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने मुख्यमंत्री आवास में पंचायतों को राज्य वित्त आयोग के अन्तर्गत प्राप्त धनराशि को डिजिटल माध्यम से प्रदेश की 7791 ग्राम पंचायतों, 95 क्षेत्र पंचायतों एवं 13 जिला पंचायतों को एक साथ कुल 62.21 करोड़ की धनराशि हस्तान्तरित की। इस धनराशि में ग्राम पंचायतों के लिए 19.30 करोड़, क्षेत्र पंचायतों के लिए 14.48 करोड़, जिला पंचायतों के लिए 28.43 करोड़ की धनराशि शामिल है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि पंचायतों को धनराशि का डिजिटल स्थानान्तरण होने से कार्यों में तेजी व पारदर्शिता आएगी। इससे सरकारी सिस्टम के प्रति लोगों का विश्वास भी बढ़ेगा।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के डिजिटल इण्डिया प्रोग्राम को साकार करते हुए पंचायतीराज विभाग त्रिस्तरीय पंचायतों को सभी अनुदान एक साथ डिजिटल हस्तान्तरित कर रहा है। पंचायतों द्वारा प्राप्त अनुदानों तथा स्वयं के आय स्रोत आदि से प्राप्त सभी धनराशियों से कराए जा रहे विकास कार्यों एवं अन्य गतिविधियों के सापेक्ष सभी भुगतान शत् प्रतिशत पीएफएमएस के माध्यम से डिजिटल रूप में किए जा रहे हैं। इस व्यवस्था के लागू होने से सभी पंचायतों को केन्द्र एवं राज्य सरकार से प्राप्त होने वाली धनराशि तत्काल पंचायतों के खाते में पहुंच रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि डिजिटल इण्डिया प्रोग्राम का उद्देश्य सरकारी सेवाओं की जानकारी ऑनलाइन माध्यम से जन सामान्य को पहुंचाने के लिए ग्राम पंचायत स्तर पर ई-गवर्नेंस को बढ़ावा देते हुए समस्त ग्राम पंचायतों को ब्रॉडबैंड इंटरनेट से जोड़ना है। इससे राजकीय कार्यों में पारदर्शिता बढ़ेगी तथा पंचायत के निवासी, जो पंचायत से बाहर अन्यत्र रहते हों, अपने मोबाइल अथवा किसी भी अन्य डिवाइस पर इस पोर्टल के माध्यम से पंचायत को केन्द्रीय वित्त एवं राज्य वित्त तथा अन्य स्रोतों से प्राप्त धनराशि तथा पंचायत में कराए जा रहे विकास कार्यों की प्रगति के साथ-साथ अन्य जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि सभी पंचायतों को एक साथ डिजिटल माध्यम से अनुदान की राशि हस्तान्तरित किए जाने के बाद पंचायतों को विकासपरक परियोजनाओं के साथ-साथ कोरोना वायरस महामारी से ग्रामवासियों के बचाव के लिए आवश्यक उपायों और बाहर से आए नागरिकों के संस्थागत क्वारान्टीन सम्बन्धी व्यवस्था के लिए सामुदायिक भवनों (पंचायत भवन, आंगनबाड़ी केन्द्र, विद्यालय या अन्य राजकीय भवन आदि) की साफ-सफाई, विद्युत व्यवस्था, पेयजल व्यवस्था, शौचालय व्यवस्था, मरम्मत, सैनेटाइजेशन, प्रचार-प्रसार आदि कार्यों को पूर्ण करने में सहायता मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने कोरोना महामारी से निपटने के लिए पंचायत प्रतिनिधियों के साथ-साथ सभी ग्रामवासियों की भूमिका की भी सराहना की। मुख्यमंत्री ने सभी त्रिस्तरीय पंचायतों के निर्वाचित प्रतिनिधियों के साथ-साथ सभी ग्रामवासियों से यह अपील की है कि वर्तमान कोविड-19 परिस्थितियों से बचाव के लिए भारत सरकार के दिशा-निर्देशों का अनुपालन करते हुए ‘‘दो गज सामाजिक दूरी और मास्क जरूरी‘‘ नियम का अनुपालन आवश्यक रूप से किया जाए। इस अवसर पर सचिव मुख्यमंत्री राधिका झा एवं निदेशक पंचायती हरिचन्द्र सेमवाल आदि उपस्थित थे।

 

 

LEAVE A REPLY