गंगा और यमुना नदियाें को हाईकोर्ट ने जीवित व्यक्ति की मान्यता दी

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उत्तराखंड के गढ़वाल में गंगा नदी का विहंगम नजारा। उत्तराखंड हाईकोर्ट ने एक याचिका पर फैसला सुनाते हुए गंगा और यमुना नदियों को जीवित व्यक्ति की मान्यता दी है। Photo- JP Maithani/ newslive24x7.com
उत्तराखंड के गढ़वाल में गंगा नदी का विहंगम नजारा। उत्तराखंड हाईकोर्ट ने एक याचिका पर फैसला सुनाते हुए गंगा और यमुना नदियों को जीवित व्यक्ति की मान्यता दी है।  Photo- JP Maithani/ newslive24x7.com

नैनीताल। न्यूज लाइव ब्यूरो

उत्तराखंड हाईकोर्ट ने सोमवार को गंगा और यमुना नदी को जीवित इकाई के रूप में मान्यता दी है। हाईकोर्ट के इस आदेश के बाद गंगा नदी को वो सभी अधिकार हासिल होंगे, जो संविधान में देश के किसी भी जीवित व्यक्ति को हासिल हैं।

हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार को जल्द ही गंगा प्रबंधन बोर्ड बनाने और इसको तीन माह के भीतर संचालित करने के आदेश भी दिए हैं। हाईकोर्ट ने यह आदेश देहरादून के विकासनगर निवासी मोहम्मद सलीम की याचिका पर दिया है।  एक न्यूज एजेंसी के टि्वटर हैंडल पर  हाईकोर्ट के इस आदेश पर जल संसाधन मंत्री उमा भारती का बयान है, जिसमें उन्होंने कहा कि हम तो गंगा को हमेशा से ही मां कहते हैं, तो मां लीविंग पर्सन ही होती हैं। हाईकोर्ट ने उसी की पुष्टि कर दी। गंगा न्यूजीलैंड की वांगनुई नदी के बाद दूसरी एेसी नदी है, जिसको लीविंग पर्सन का दर्जा दिया गया है।

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