आत्मविश्वास बढ़ाने वाली मजेदार कहानी

1
365
confidence

एक बिजनेसमैन पर बड़ा कर्ज हो गया था। उसको इस मुसीबत से बचने का कोई रास्ता नहीं दिख रहा था। उसके पास लगातार लेनदारों के फोन आ रहे थे। एक दिन पार्क में बैठा वो सोच रहा था कि आखिर इस समस्या से कैसे बाहर आया जाए। वह खुद से कह रहा था कि कोई चमत्कार ही मेरी कंपनी को दिवालिया होने से बचा सकता है। 

अचानक एक बूढ़ा आदमी उसके पास आया। बूढ़े व्यक्ति ने पूछा, मैं जानना चाहता हूं कि आप क्यों परेशान हैं। बिजनेसमैन ने उनको सारी बात बता दी। बूढ़े व्यक्ति ने कहा कि मुझे लगता है मैं आपकी मदद कर सकता हूं। उन्होंने उसका नाम पूछा और एक चेक दे दिया। कहा कि यह पैसा लो। आज से एक साल बाद मुझे मिलना और यह रकम मुझे वापस कर देना। तब तक इस रकम को इस्तेमाल कर सकते हो। 

चेक देने के बाद बूढ़े व्यक्ति ने अपनी राह पकड़ ली। बिजनेसमैन ने उनके जाने के बाद चेक देखा तो चौंक गया। 50 लाख डॉलर के चेक पर दुनिया के एक अमीर व्यक्ति के सिगनेचर थे। उसने सोचा कि इस चेक से वह अपनी सभी देनदारी को एक पल में निपटा सकता है। मेरी सभी मुसीबतों को निपटारा कर देगा यह चेक। 

लेकिन बिजनेसमैन ने इस चेक को कैश कराने की बजाय अपनी अलमारी में रख दिया। अब यह चेक उसकी ताकत बन गया था। उसका आत्मविश्वास बढ़ गया था। किसी भी परिस्थिति से निपटने में यह चेक उसको मदद करेगा, यह बात मनोमस्तिष्क पर बैठ गई थी। बिजनेसमैन ने नई आशा के साथ अपने बिजनेस की शुरुआत की। सकारात्मक और आशा और आत्मविश्वास पूर्ण माहौल उसके बिजनेस की ताकत बन गए। बिजनेस धीरे-धीरे फिर से पटरी पर आने लगा। कर्ज भी निपटने लगा। वह कर्ज से बाहर आ गया और एक बार फिर से धन कमा रहा था। 

एक वर्ष बाद वह चेक के साथ पार्क में वापस लौटा। बूढ़े व्यक्ति से उसकी मुलाकात हो गई। उसने बूढ़े व्यक्ति को सफलता की कहानी सुनाई और उनका चेक वापस कर दिया। वह बूढ़े व्यक्ति से बात ही कर रहा था कि अचानक एक नर्स शोर मचाती हुई उनके पास पहुंची। उसने बूढ़े व्यक्ति को पकड़ लिया।

नर्स ने बिजनेसमैन से पूछा कि क्या यह आपको परेशान कर रहा है। यह हमेशा घर से भाग जाता है और खुद को दुनिया का सबसे अमीर व्यक्ति बताते हुए चेक बांटता है। क्या इसने आपको भी कोई चेक दिया है। इनके किसी भी चेक पर विश्वास नहीं करना। ऐसा कहते हुए वह बूढ़े व्यक्ति को अपने साथ ले गई।

नर्स की बात सुनकर बिजनेसमैन स्तब्ध रह गया। आधा मिलियन डॉलर के जिस चेक के सहारे अपने बिजनेस को संभालने में जुटा था, वह फर्जी था। लेकिन इस चेक ने उसको बिजनेस डील करने के लिए जो आत्मविश्वास दिया, वह कम नहीं था।       (अनुवादित)

1 COMMENT

LEAVE A REPLY