जय बाबा केदारः यात्रा में रखें इन बातों का ध्यान

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देहरादून। न्यूज लाइव ब्यूरो

उत्तराखंड के चारों धाम की यात्रा शुरू हो गई है। श्री गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के बाद अब से कुछ ही देर में श्रीकेदारनाथ धाम के कपाट खुलने वाले हैं। पर्वतीय क्षेत्र की यात्रा होने की वजह से यात्रियों को खास सावधानियों को बरतना है। आपकी यात्रा मंगलमय हो, इसकी हम बाबा केदार से प्रार्थना करते हैं। यात्रा के दौरान इन बातों का ख्याल रखें।

  • ऊनी कपड़े लेकर चलें, क्योंकि कभी-कभी अचानक तापमान गिर जाता है।
  • रोगियों को यात्रा से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श करना चाहिए। स्वास्थ्य परीक्षण के बाद ही यात्रा शुरू करें। यदि डॉक्टर यात्रा के लिए सहमति प्रदान करें तो अपनी दवाइयां और जरूरी सामान साथ लेकर चलें।
  • खाने पीने का हल्का फुल्का सामान भी साथ रख सकते हैं। ऊंचाई अधिक होने के कारण स्वत ही बीपी बढ़ता है इसलिए ऐसी वस्तुएं न खाएं जिससे बीपी अधिक हो।
  • पैदल मार्ग पर खड़ी चढ़ाई है तो रुक-रुक कर यात्रा करें। ऑक्सीजन सिलेंडर सुरक्षा के लिए साथ रख सकते हैं।
  • पैदल मार्ग में रुकने की कम जगह है इसलिए गौरीकुंड से सुबह ही यात्रा करें ताकि शाम तक लिंचौली या केदारनाथ पहुंचा जा सके।
  • जहां पर दिक्कत समझें यहां पुलिस और एसडीआरएफ की मदद जरूर लें।
  • डेंजर प्वाइंट पर सावधानी और मदद लेकर आगे बढ़ें।
  • आपदा से पैदल मार्ग कई स्थानों पर जोखिमभरा है, चलने में सावधानी जरूर बरतें।
  • मौसम के पूर्वानुमान पर ध्यान दीजिए। मौसम खराब होने की स्थिति में यात्रा पड़ाव पर रुक जाएं और मौसम ठीक होने का इंतजार करें। वाटरप्रूफ जूते, रेन कोट, विंड चीटर और छाता, छड़ी साथ ले जाएं। अपने सामान को भींगने से बचाने के लिए उपयुक्‍त वाटरप्रूफ बैग में अपने कपड़े और खाने की सामग्री रखें।
  • यात्रा मार्गों पर गाड़ियों को ट्रैफिक नियमों का पालन करते हुए चलाएं। गाड़ी को निर्धारित और नियंत्रित गति से ही चलाएं। रास्तों पर ट्रैफिक संकेतों का पालन करें। वाहनों में ओवरलोडिंग न करें।
  • यात्रा के दिन ही अपने नाम, पता और मोबाइल फोन नंबर अपनी जेब में जरूर रखें। हर यात्री अपना रजिस्ट्रेशन कराए।
  • खुद का पहचान पत्र, ड्राइविंग लाइसेंस अपने साथ रखें। यात्रा रूट पर संबंधित अधिकारियों के फोन नंबर साथ रखें।
  • यह सुनिश्चित करें कि आपकी नजरें समूह में शामिल लोगों पर रहें, जिससे आप समूह से न बिछड़ने पाएं। आपके समूह का कोई सदस्‍य लापता हो जाए तो तुरंत पुलिस की मदद लें।
  • आप यात्रा करने के दौरान अपने सहयात्रियों के साथ पवित्र मन-मस्तिष्‍क बनाए रखें।
  • समय-समय पर प्रशासन के निर्देशों का कड़ाई से पालन करें।
  • किसी भी सहायता के लिए निकटतम यात्रा कंट्रोल रूम से संपर्क करें।
  • भगवान भोलेनाथ के अभिन्‍न अंग हैं- पृथ्‍वी, जल, वायु, अग्नि और आकाश। इसलिए पर्यावरण का सम्‍मान करें और यात्रा क्षेत्र में कुछ भी ऐसा न करें जिससे प्रदूषण पैदा हो।
  • उत्तराखंड में पॉलीथिन पर प्रतिबंध है इसका इस्तेमाल न करें।

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