चन्‍द्रयान-2 का चन्‍द्रमा की कक्षा में प्रवेश

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चन्‍द्रयान-2 सात सितम्‍बर को रात एक बजकर 55 मिनट पर चन्‍द्रमा पर उतरेगा

भारत के दूसरे चन्‍द्र मिशन चन्‍द्रयान-2 ने चन्‍द्रमा की निर्धारित कक्षा में प्रवेश कर लिया है। वह निर्धारित कक्षा में 20 अगस्त, 2019 की  सुबह 9 बजकर दो मिनट पर पहुंचा। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के अध्‍यक्ष डॉ. के. सिवन ने चन्‍द्रयान-2 के चन्‍द्रमा की कक्षा में पहुंच जाने के बादआज बेंगलुरु में प्रेस वार्ता में यह जानकारी दी। उन्‍होंने कहा कि चन्‍द्रमा की कक्षा में पहुंचकर चन्‍द्रयान-2 ने एक प्रमुख उपलब्धि अर्जित कर ली है। जरूर पढ़ें- चलो चांद की ओऱ

डॉ. सिवन ने बताया कि इसरो का लक्ष्‍य है कि चन्‍द्रयान-2 को 7 सितंबर को रात 1 बजकर 55 मिनट पर चन्‍द्रमा पर उतार दिया जाए। चन्‍द्रयान-2 की सहज लैंडिंग चन्‍द्रमा के दक्षिणी ध्रुव के निकट होगी। उन्‍होंने कहा कि 2 सितम्‍बर को अगली प्रमुख गति‍विधि उस समय होगी, जब ओर्बिटर से लैंडर अलग होगा। इसरो अध्‍यक्ष ने कहा कि इसरो इस लैंडिंग मिशन के प्रति पूर्ण रूप से आश्‍वस्‍त हैं। इसरो ने सहज लैंडिंग के लिए पर्याप्‍त अभ्‍यास किए हैं। चन्‍द्रयान-2 चार अन्‍य स्थिति परिवर्तन करेगा। पहला स्थिति परिवर्तन कल होगा। उसके बाद अन्‍य स्थिति परिवर्तन 28 अगस्‍त, 30 अगस्‍त और एक सितम्‍बर को होगा।

उल्‍लेखनीय है कि वर्ष 2008 में चन्‍द्रयान-1 के बाद इसरो का यह दूसरा चन्‍द्र मिशन है। चन्‍द्रयान-2 को इस साल 22 जुलाई को श्रीहरिकोटा से लॉन्‍च किया गया था। यह अपने साथ एक आर्बिटर, ‘विक्रम’ लैंडर और ‘प्रज्ञान’ रोवर साथ ले गया है। (स्रोत- पीआईबी)

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