जैविक खेती उत्तराखंड की विशेषता है, इसे बढ़ावा दिया जाना चाहिएः सीएम

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मुख्यमंत्री ने देहरादून के माजरी ग्रांट में एकीकृत आदर्श कृषि ग्राम योजना का शुभारंभ किया
देहरादून। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने माजरी ग्रांट, डोईवाला में एकीकृत आदर्श कृषि ग्राम योजना का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने बधाई देते हुए कहा कि कृषि मंत्री रहते हुए सुबोध उनियाल ने नये-नये कॉन्सेप्ट पर काम किया है। एकीकृत आदर्श ग्राम योजना मील का पत्थर साबित होगी। एफपीओ को बढ़ावा देने के लिए जागरूकता की आवश्यकता है। जब सभी किसान भाई जागरूक होंगे तो कृषि उत्पादन में सुधार के साथ ही किसानों की आय में बढ़ोतरी होगी।
मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने बुधवार को आयोजित कार्यक्रम में कहा कि उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्र में सिंचाई के साथ ही मशीनीकरण पर फोकस करने की आवश्यकता है। जैविक खेती उत्तराखंड की विशेषता है, जिसे बढ़ावा दिया जाना चाहिए। किसानों की आय दोगुनी करने के लिए वैल्यू एडीशन एवं ब्रांड की आवश्यकता है। राज्य सरकार इसके लिए एक अम्ब्रेला ब्रांड शीघ्र ही शुरू करेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सूर्यधार झील निर्माण के बाद 29 गांवों को सिंचाई एवं पेयजल के लिए गुरूत्व आधारित पानी मिल सकेगा। इसके साथ ही सिंचाई एवं पेयजल की व्यवस्था के लिए जमरानी एवं सौंग बाँध की बाधाओं का शीघ्र ही निस्तारण किया जाएगा। जल संभरण एवं संरक्षण, मानव वन्यजीव संघर्ष आदि को रोकने के लिए 10 हजार लोगों को काम पर लगाया जाएगा। एक ओर लोगों को रोजगार प्राप्त होगा वहीं दूसरी ओर प्रकृति का संरक्षण हो सकेगा। उन्होंने कहा कि शीघ्र ही प्रदेश में चार बंदर बाड़ों को शुरू किया जाएगा। किसानों के लिए पहले दो लाख तक का ब्याजमुक्त ऋण दिया जा रहा था, जिसे अब बढ़ाकर 3 लाख रुपये किया जा रहा है।
उन्होंने उत्तराखंड के किसानों से कृषि के विकास के लिए वैज्ञानिक तरीके अपनाने का अनुरोध करते हुए कहा कि हमें मशीनीकरण को अपनाना होगा, ताकि उत्पादन बढ़ाया जा सके। कृषि मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि कोरोना काल में जहां सभी क्षेत्रों में मंदी आई है, कृषि में सराहनीय कार्य हुआ है। राज्य को कृषि कर्मण पुरस्कार प्राप्त हुआ है।
कृषि मंत्री ने नाबार्ड के अध्यक्ष डॉ.जीआर चिंतला से उत्तराखंड में मैकेनाइजेशन को बढ़ावा दिए जाने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने पेड़ पौधों की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए नर्सरी एक्ट बनाया है, ताकि किसानों को उच्च गुणवत्ता के पेड़ पौधे मिल सकें। पूरी दुनिया जहां ऑर्गेनिक के पीछे पड़ी है, उत्तराखण्ड बाय डिफॉल्ट ऑर्गेनिक है।
सहकारिता मंत्री धनसिंह रावत ने कहा कि राज्य सरकार ने 4 लाख किसानों को ब्याजमुक्त ऋण उपलब्ध कराया है। 12 हजार महिला स्वयं सहायता समूहों को भी 5-5 लाख रुपये का ऋण उपलब्ध कराया गया है। नाबार्ड के चेयरमैन डॉ जीआर चिंतला ने देवभूमि उत्तराखंड आगमन को अपना सौभाग्य बताते हुए कहा कि कोविड-19 की परिस्थितियों में भी कृषि क्षेत्र में बढ़ोतरी हुई है। नाबार्ड ग्रामीण कृषि के विकास के लिए लगातार प्रयास कर रही है। कृषि क्षेत्र में सुधार के साथ ही उत्तराखंड को जैविक खेती पर फोकस करना चाहिए।

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