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Dehra Dun
Friday, September 20, 2019
Tags CREATIVE WRITING

Tag: CREATIVE WRITING

नींव अनाम है सदा

उमेश रायश्रम और प्रेम के बिना, जीवन की अर्थवत्ता नहीं... पर,मूल व मौलिक रहता है आधार, भले ही दिखता नहीं.. दिखते हैं फल व फूल इतराते हुए, कंगूरे जो...

पृथ्वी की कैसी छवि

उमेश राय धरा का धैर्य चुक गया है, अनाचार असीम जो हो गया है यहाँ... भोगवादी जीवन ने सारे वन-मधुवन छीन लिए हैं, काया हो...

लड़की का लौटना

उमेश रायशादी के बाद, जब भी लड़की लौटती है, अपने माता-पिता वाले घर.... वह चहकती-फुदकती है, जैसे - चिड़िया दिनभर व्यस्त रहने के बाद विन्यस्त होने अपने घरौंदा...

खोजता हूँ

उमेश रायअपने कमरे में उसे खोजता हूँ, खो जाता हूँ... पुनर्खोज क्या है? भूल को फूल की तरह पा जाना..मेरा पथ श्रेय का नहीं...

नव का रव

उमेश राय अब नवीन सूझ-बूझ का सही विकास हो, मेल-जोल नित बढ़े,मनुष्यता का वास हो, एक धरती,आसमां है एक,नेक तो...

तो ये दाग अच्छे हैं…

करीब एक साल पहले मैं कुछ बच्चों को पढ़ाता था। इनमें क्लास छह का एक बच्चा ऐसा भी था, जो हमेशा कोई न कोई...